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Thursday, January 11, 2018

महावीर स्वामी मंदिर सार्ध शताब्दी पर मेडिकल कैम्प

 महावीर स्वामी मंदिर सार्ध शताब्दी पर मेडिकल कैम्प

Golden spire Mahavira Swami temple Kolkata
श्री महावीर स्वामी मंदिर कोलकाता 
श्री महावीर स्वामी मंदिर, कोलकाता के सार्ध शताब्दी महोत्सव (१५० वर्ष पूर्ति) के अवसर पर एक मेडिकल कैम्प भी आयोजित किया जायेगा. कोलकाता का खरतर गच्छ संघ इसे महोत्सव के अंतिम दिन २८ जनवरी, रविवार को आयोजित करने जा रहा है. संघ के अध्यक्ष श्री विनोदचंद जी बोथरा नियमित रूप से वर्षों से महावीर स्वामी मंदिर में पूजा एवं स्नात्र करने पधारते रहते हैं.

निःशुल्क मेडिकल कैम्प 
"सेवा" भगवान् महावीर के उपदेश का एक अभिन्न अंग है. समवशरण में देशना देते हुए (जैन आगम भगवती सूत्र में एक प्रश्न के उत्तर में) भगवान् ने कहा है की जो व्यक्ति दीं दुखियों की सेवा करता है वो मेरा सच्चा सेवक है और मेरी पूजा करने से भी अधिक फल प्राप्त करता है. सेवा वैयावच्च का ही एक रूप है और वैयावच्च  जैन धर्म के "वीस स्थानक" के वीस में से एक प्रमुख पद है.

Samavasharan painting at Mahavira Swami temple, Kolkata
महावीर स्वामी मंदिर कोलकाता में समवशरण का एक चित्र 

खरतर गच्छ संघ, कोलकाता ने मंदिर के सार्ध शताब्दी महोत्सव पर मेडिकल कैम्प आयोजित करने का निर्णय ले कर प्रभु की आज्ञा को ही क्रियान्वित किया है और इसके लिए वे धन्यवाद के पात्र हैं.

इस मेडिकल कैम्प में कई विशेषज्ञ डाक्टरों की सेवाएं ली जाएगी और वे निःशुल्क मरीजों की जांच करेंगे. इससे लोगों को बहुत फायदा होगा, जैन समाज के कई जाने माने डाक्टर इस कैम्प में अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे.

श्री महावीर स्वामी मंदिर, कोलकाता के सार्ध शताब्दी महोत्सव

महावीर स्वामी मंदिर के कार्यक्रम में पधारनेवाले अतिथियों का परिचय



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Friday, January 5, 2018

कोलकाता के प्राचीन जैन मंदिर

कोलकाता के प्राचीन जैन मंदिर 

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता १९ वीं एवं वीसवीं सदी में जैन धर्मावलम्वियों का प्रमुख केंद्र रहा है. इस समय में यहाँ अनेकों भव्य कलात्मक जैन मंदिरों का निर्माण हुआ. मुग़ल काल में मुर्शिदाबाद बंगाल की राजधानी थी एवं यह जैन समाज का प्रमुख केंद्र था परन्तु अंग्रेजों ने कोलकाता को अपना केंद्र बनाया और ब्रिटिश काल में जैनों की वस्ति भी मुर्शिदाबाद से धीरे धीरे कोलकाता पहुंचने लगी.

१९वीं सदी में लखनऊ से आये हुए श्रीमालोन का कोलकाता में वर्चस्व रहा और उनलोगों ने ४ जिनमंदिरों का निर्माण करवाया. आज् से दो सौ साल पहले सर्वप्रथम बड़ाबाजार (कलाकार स्ट्रीट) में टांक परिवार ने श्री शांतिनाथ स्वामी के मंदिर का निर्माण करवाया. यह मंदिर तुलपट्टी पंचायती मंदिर के नाम से विख्यात है. इसके साथ ही मानिकतल्ला में एक दादाबाड़ी का भी निर्माण करवाया गया था. यह पंचायती है और इसके निर्माता एवं निर्माण का समय ज्ञात नहीं है.

सन १८६७ में प्रसिद्द जौहरी राय बद्रीदास बहादुर मुकीम ने मानिकतल्ला में श्री शीतलनाथ स्वामी के  विश्वप्रसिद्ध मंदिर का निर्माण कराया. यह पारसनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है. यह पूरा मंदिर बेल्जियम कांच से बना हुआ है. इसके एक वर्ष बाद शीतलनाथ मंदिर के सामने एवं दादाबाड़ी के दाहिनी ओर सन १८६८ में सुखलाल जौहरी ने श्री महावीर स्वामी के विशाल मंदिर का निर्माण कराया. यह कोलकाता के सभी मंदिरों में सबसे बड़ा है इसलिए लगभग सभी बड़ी पुजाएँ यहीं पर होती है. इस मंदिर के रंगमंडप में ४०० से ५०० लोग बैठ सकते हैं.  इसी वर्ष २६ से २८ जनवरी तक इस मंदिर का सार्ध शताब्दी महोत्सव (१५० वर्ष)  मनाया जा रहा है.

महावीर स्वामी मंदिर के निर्माण के कुछ वर्ष बाद खारड़ परिवार ने श्री चंदाप्रभु स्वामी के मंदिर का निर्माण करवाया।  यह मंदिर भी भव्य एवं कलात्मक है.  मानिकतल्ला स्थित तीनों मंदिरों की विशेषता ये है की तीनो ही मंदिर काफी ऊंचाई पर बने हुए हैं और कई सीढ़ियां चढ़कर मंदिर में पंहुचा जा सकता है. तीनो हीहै. मंदिरों में परमात्मा की मनोहारी मूर्तियां है.

मुर्शिदाबाद से आये हुए शहरवाली समाज ने भी कोलकाता में मंदिरों का निर्माण करवाया. इंडियन मिरर स्ट्रीट, धर्मतल्ला में नाहर परिवार द्वारा निर्मित कुमार सिंह हॉल के मंदिर का १०० वर्ष अभी अभी पूरा हुआ है. दुगड़ परिवार का घर देहरासर धर्मतल्ला के ही क्रीक रो में अवस्थित है.

इन प्राचीन मंदिरों के अलावा कैनिंग स्ट्रीट एवं हेसम स्ट्रीट का जैन मंदिर भी लगभग ५० वर्ष पुराना है. उसके बाद कोलकाता में पिछले २०-२५ वर्षों में भी अनेकों जिन मन्दिर का निर्माण हुआ है.

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Wednesday, January 3, 2018

महावीर स्वामी मंदिर के कार्यक्रम में पधारनेवाले अतिथियों का परिचय

महावीर स्वामी मंदिर, कोलकाता के कार्यक्रम में पधारनेवाले अतिथियों का परिचय 

श्री महावीर स्वामी मंदिर, कोलकाता का सार्ध शताब्दी (१५० वर्ष) महोत्सव दिनांक २६ जनवरी से २८ जनवरी, २०१८ तक धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस कार्यक्रम में देश मोदी के नजदीकी हैं. के अनेक गणमान्य व्यक्ति अतिथि के रूप में पधार रहे हैं. महोत्सव में पधारनेवाले अतिथियों का संक्षिप्त परिचय निम्नरूप है.

श्री साधन पाण्डे 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री साधन पाण्डे पश्चिम बंगाल सरकार में उपभोक्ता संरक्षण एवं स्वरोजगार मंत्रालय में कैबिनेट स्तर के मंत्री हैं.  वे लोकप्रिय जनता हैं एवं कोलकाता से कई बार विधायक रह चुके हैं.



श्री सुनील जी सिंघी 

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सुनील जी सिंघी, अहमदाबाद कर रहे हैं. वे जैन समाज के गौरव हैं. गुजरात भाजपा में अनेक महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके श्री सिंघी के प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से घनिष्ठ सम्वन्ध है. राजनीति के अल्वा आप सामाजिक/ धार्मिक क्षेत्र में काफी सक्रीय रहे हैं. मूर्तिपूजक युवक महासंघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष के रूप में आपने सराहनीय सेवाएं दी है.  केंद्रीय अल्पसंख्यक आयोग के माननीय सदस्य (केंद्रीय राज्यमंत्री का दर्ज़ा प्राप्त) श्री सिंघी प्रखर वक्ता के रूप में विख्यात हैं. 


Motilal Jhabak Raipur
श्री मोतीलाल जी झाबक 
विशिष्ट अतिथि श्री मोतीलाल जी झाबक वयोवृद्ध समाजसेवी एवं दानवीर हैं. अनेकों अस्पताल, एवं शिक्षण संस्थाएं उनके योगदान की ऋणी है. आपने अष्टापद तीर्थ (मालवा) में एक विशाल दादाबाड़ी का भी निर्माण करवाया है एवं वर्त्तमान में उस ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं. पालीताना में २ वर्ष पूर्व हुए खरतर गच्छ महासम्मेलन के आयोजन में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी. रायपुर निवासी सी झाबक जी अखिल भारतीय श्री जैन श्वेताम्बर खरतर गच्छ प्रतिनिधि महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. प्रतिनिधि महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री संतोष जी गोलेच्छा भी आपके साथ पधार कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे.  

Vimal Chand Surana Jaipur
श्री विमलचन्द जी सुराणा 
विशिष्ट अतिथि श्री विमलचन्द जी सुराणा वो नाम है जिसे भारतभर का जैन समाज जनता है. विलक्षण व्यापारिक प्रतिभा के धनी श्री सुराणा जी दानवीर एवं समाजसेवी होने के साथ ही विपश्यना ध्यान के वरिष्ठ आचार्य भी हैं. वे महावीर कैंसर हॉस्पिटल के मैनेजिंग ट्रस्टी, एस जे विद्यालय / महाविद्यालय समूह के संरक्षक हैं. खरतर गच्छ संघ, जयपुर एवं खरतर गच्छ महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रह चुके हैं. अन्य अनेक धार्मिक सामाजिक संस्थाओं के सञ्चालन में भी आपकी भूमिका रहती है. वर्त्तमान में वे राजस्थान प्रान्त से शेठ आनन्द जीकल्याणजी पेढ़ी के मानद प्रतिनिधि हैं. 


Surendra Bothra photograph by Brian Brazeal
श्री सुरेंद्र जी बोथरा 
विशिष्ट अतिथि श्री सुरेंद्र जी बोथरा जैन दर्शन के वरिष्ठतम विद्वानों में से हैं. आचारांग, भगवती, विपाक, उत्तराध्ययन, अनुयोगद्वार, नंदी जैसे अनेक आगमों का अंग्रेजी अनुवाद कर चुके हैं. इसके अतिरिक्त अनेक पुस्तकों का लेखन, सम्पादन, अनुवाद भी किया है. प्रचार प्रसार से दूर रहकर काम में डूबे रहनेवाले व्यक्ति श्री बोथरा जी अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वरिष्ठ विद्वान हैं. 

उपरोक्त अति विशिष्ट व्यक्तियों के अतिरिक्त चेन्नई के प्रसिद्द एस देवराज जैन परिवार के श्री गौतम जैन, प्रसिद्द जैन इतिहासकार एवं लेखक डा. शिवप्रसाद, वाराणसी, जयपुर के प्रसिद्द गायक श्री अनिल श्रीमाल, श्वेताम्बर जैन साप्ताहिक के संपादक श्री विजेंद्र सिंह लोढ़ा, आगरा, आदि अनेक गणमान्य व्यक्ति बाहर से पधार रहे हैं. इसके अतिरिक्त श्रीमद राजचन्द्र सत्संग मंडल, हम्पी, कर्णाटक के १२५ लोग भी महोत्सव में पधार कर अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे. कोलकाता के भी अनेक विशिष्ट व्यक्तित्व के धनी लोग कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे. 


श्री महावीर स्वामी मंदिर, कोलकाता का सार्ध शताब्दी महोत्सव


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