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Tuesday, November 15, 2016

मेतारज पैदल यात्री संघ जयपुर के जैन मंदिरों में


 परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य श्री मणिप्रभसागर सूरीश्वर जी के आज्ञानुवर्ती गणिवर्य श्री मणिरत्नसागर जी एवं मलयरत्न सागर जी महाराज साहब की निश्रा में आज से जयपुर के सभी श्वेताम्बर जैन मंदिरों के दर्शन हेतु तीन दिवसीय पदयात्रा की शुरुआत हुई.

इस संघ ने सबसे पहले मीरा मार्ग स्थित श्वेताम्बर जैन मंदिर के दर्शन किये जहाँ पर मानसरोवर संघ द्वारा उनके लिए सुन्दर नाश्ते की व्यवस्था रखी गई. मंत्री श्री महेशचंद महमवाल एवं संघ के अन्य गणमान्य लोग वहां उपस्थित थे. इसके बाद महारानी फार्म स्थित योगाश्रम में भोजन ग्रहण कर यह पैदल संघ मालवीयनगर की ऒर रवाना हुआ जहाँ श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवन के मंदिर के दर्शन किये।  यहाँ भी मंत्री श्री विमल लालवानी, कोषाध्यक्ष श्री सुरेंद्र सिपानी आदि ने पैदल संघ की अगवानी की एवं चाय आदि से उनका सत्कार किया।

पैदल संघ को संबोधित करते हुए साध्वी श्री अतुलप्रभा श्री जी महाराज 
आगे बढ़ते हुए पैदल संघ श्री वासुपूज्य स्वामी के मंदिर पंहुचा जहाँ दर्शन के पश्चात् गणिवर्य श्री मणिरत्न सागर जी महाराज साहब एवं साध्वी श्री अतुलप्रभा श्री जी ने संघ को संबोधित किया। वहां से संघ श्री नाकोड़ा पारसनाथ मंदिर पंहुचा। प्राकृत भारती परिसर में एक सभा का आयोजन किया गया जिसे गणिवर्य श्री के अतिरिक्त SEBI के पूर्व अध्यक्ष पद्मविभूषण श्री देवेन्द्रराज मेहता, श्री श्यामसुंदर विस्सा, IAS एवं ओसवाल परिषद् के सचिव ज्योति कोठारी ने सभा को संबोधित किया।

 पद्मविभूषण श्री देवेन्द्रराज मेहता, श्यामसुंदर विस्सा एवं ज्योति कोठारी 
मालवीयनगर स्थित तीनो मंदिरों के दर्शन कर यह पैदल यात्री संघ मोती डूंगरी रोड की ऒर अग्रसर हुआ और लंबी दुरी तय कर दादाबाड़ी पंहुचा। यहां पर श्री पारसनाथ भगवान्, अष्टापद तीर्थ, व नंदीश्वर द्वीप के दर्शन कर यात्रियों ने अपने जन्म सफल किये। दादाबाड़ी में गुरु इकतीस का पाठ भी किया। गणिवर्य श्री ने उन्हें जिन भक्ति का महत्व बताया और मंदिर एवं मूर्तियों का परिचय कराया। वहां स्थित साध्वीवर्या श्री मृदुला श्री जी आदि थाना २ ने गणिवर्य श्री के दर्शन वंदन किये।  दादाबाड़ी पहुचने पर श्रीमाल सभा के मंत्री श्री अनिल श्रीमाल ने उनका स्वागत किया एवं सायंकालीन भोजन का आग्रह किया।

गणिवर्य श्री मणिरत्नसागर जी का दादाबाड़ी में उद्बोधन 
दादाबाड़ी से चल कर यह पैदल यात्री संघ श्री महावीर स्वामी मंदिर (मुल्तान मंदिर) आया जहाँ पर मंदिर एवं दादाबाड़ी के दर्शन के बाद सभी के रात्री विश्राम का कार्यक्रम रखा गया है. यहाँ भी मुल्तान संघ के मंत्री श्री नेमकुमार जी जैन उपस्थित थे.

गणिवर्य श्री मणिरत्नसागर जी ने प्रथम दादागुरुदेव श्री जिनदत्त सूरी की विचरण भूमि तिम्मनगढ़ क्षेत्र के जैनेतरों को संस्कारित कर, उन्हें मद्यमांसादि छुड़ा कर जैन धर्म के आचरण में रंग दिया। तिम्मनगढ़, हिंडौन, करौली आदि क्षेत्र के हज़ारों की संख्या में जैनेतर लोगों को संस्कारित करने का महान कार्य उन्होंने किया है. उस क्षेत्र में गत वर्ष १४ नवीन  जिनमंदिरों की प्रतिष्ठा भी करवाई. नव संस्कारित जैनों को मेतारज गोत्र भी प्रदान किया गया.

इन मेतारज गोत्रियों के संस्कारों को दृढ करने एवं उन्हें जैन समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए समय समय पर संघ यात्राओं का आयोजन किया जाता रहा है. अभी हाल ही में खरतरगच्छ सम्मलेन के दौरान भी लगभग ५०० लोगों का पैदल संघ पालीताना ले जाया गया था.

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