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Saturday, October 8, 2016

आज से नवपद ओली का प्रारम्भ



आज ८ अक्टूबर २०१६ से नवपद ओली (आश्विन) का प्रारम्भ हुआ और आज प्रथम पद देवाधिदेव श्री अरिहंत परमात्मा की आराधना की गई. पुरे भारत में ही नहीं विश्व के कोने कोने में जहाँ भी जैन लोग रहते हैं वहां पर पुरे उत्साह के साथ नवपद ओली की आराधना की जाती है. प्रतिवर्ष आश्विन एवं चैत्र मॉस की शुक्ल सप्तमी से पूर्णिमा तक ९ दिन ९ पदों की आराधना की जाती है.

नवपद, श्री नेमिनाथ स्वामी मंदिर, अजीमगंज 
जैन शास्त्रों के अनुसार श्रीपाल का कोढ़ रोग दूर करने के लिए मयनसुंदरी ने गुरुमुख से नवपद की महिमा सुन कर नवपद ओली की आराधना की थी. श्रीपाल-मैनासुन्दरी द्वारा सिद्धचक्र तंप करने से यह जगत में प्रसिद्द हुआ और तब से बड़ी संख्या में लोग नवपद ओली की आराधना ९ दिन आयंबिल कर करते आ रहे हैं.

इन ९ दिनों में अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु, सम्यग दर्शन, ज्ञान, चारित्र एवं टप पद की आराधना की जाती है एवं इनके वर्णानुसार क्रमशः चावल, गेहूं, चना, मुंग, उडद एवं अंत के ४ दिन फिर से चावल की आयंबिल की जाती है एवं विधि पूर्वक नवपदों (सिद्धचक्र) की उपासना कर मोक्ष मार्ग को प्रशस्त किया जाता है.

अधिक जानने के लिए पढ़ें
The Navpad Oli (Ayambil) Festival of India's Jain Community 


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