Pages

Saturday, September 24, 2016

गणिवर्य मणिरत्नसागर हिन्दू आध्यात्मिक मेले में


गणिवर्य श्री मणिरत्नसागर जी हिन्दू आध्यात्मिक मेले में

मणिरत्नसागर जी हिन्दू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले को संबोधित करते हुए 
परम पूज्य स्वर्गीय आचार्य श्रीमज्जिन महोदयसागर सूरीश्वर जी महाराज साहब के पट्ट शिष्य एवं खरतर गच्छाधिपति परम पूज्य आचार्य श्रीमज्जिन मणिप्रभसागर सूरीश्वर जी महाराज साहब के आज्ञानुवर्ती गणिवर्य श्री मणिरत्नसागर जी महाराज साहब ने जैन धर्म के प्रतिनिधि के रूप में हिन्दू अध्यात्मिल एवं सेवा मेले के उद्घाटन के अवसर  पर कल २३ सितंबर को जयपुर में अपनी निश्रा प्रदान की. ओसवाल परिषद्, जयपुर के मंत्री श्री ज्योति कोठारी गणिवर्य श्री को मंच तक ले पधारे.
मणिरत्नसागर जी, दैनिक भास्कर, २४ सितंब, २०१६ 
इस अवसर पर अपने संक्षिप्त एवं सारगर्भित प्रवचन से उन्होंने सभी को प्रभावित किया. उन्होंने कहा की जैन धर्म अहिंसक धर्म है एवं प्राणीमात्र की समानता में विश्वास रखता है. उन्होंने यह भी बताया की किस प्रकार मानवता की सेवा के लिए उन्होंने राजस्थान के डांग क्षेत्र में जाटव समाज को व्यसन मुक्त बना कर उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा है।  आपके सान्निध्य में जाटव समाज द्वारा दिल्ली से पालीताना तक की गई ९० दिवसीय "अहिंसा यात्रा" का जिक्र समारोह के संचालक द्वारा किया गया. उन्होंने हिन्दू समाज के सभी वर्गों को जोड़ने के लिए एवं भारत की आध्यात्मिक चेतना को पुनर्जागृत करने के प्रयास के लिए आयोजकों को धन्यवाद दिया एवं इस के लिए शुभाशीर्वाद प्रदान किया।

समारोह में राजस्थान के माननीय राज्यपाल श्री कल्याण सिंह जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे एवं सनातन धर्म के कई विशिष्ट संत गांव की उपस्थिति सभा का गौरव बढा रही थी. आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी जी, स्वामी मधुपंडित दास जी (अक्षय पात्र के संस्थापक), संवित सोमगिरि जी आदि संतों ने भी अपने प्रवचन से लोगों को लाभान्वित किया।

Vardhaman Infotech
A leading IT company in Jaipur
Rajasthan, India
E-mail: info@vardhamaninfotech.com 
allvoices

No comments:

Post a Comment