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Tuesday, April 1, 2014

आनंदघनजी पर पुस्तक का विमोचन हंगरी दूतावास में


अध्यात्मयोगी एवं अवधूत आनंदघनजी जैन संतों में शिरोमणि हैं. १७ वीं शताब्दी के इन महान संत ने अनेक काव्यों कि रचना कि जो विश्व साहित्य कि धरोहर है. वे न सिर्फ अध्यात्मयोगी थे वल्कि आपकी रचनाएं भक्ति युग कि श्रेष्ठ कृतियों में मणि जाती है. आपके द्वारा लिखी गई चोवीस तीर्थकरों के भजन आनंदघन चौवीसी के नाम से विख्यात है और आज भी लोगों के कंठ में वसा हुआ है. जैन धर्म के सभी सम्प्रदायों में आपकी प्रसिद्धि है एवं आपकी रचनाएं लोकप्रिय है. योगिराज अानन्दघन जी राजस्थान के थे एवं मेड़ता सिटी में आपका स्वर्गवास हुआ था. 

आप के व्यक्तित्व से प्रभावित हो कर ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर इमरे बंगा ने आपके द्वारा लिखित बहुत्तरी पर एक शोधपरक ग्रन्थ लिखा है. "It's a city showman's show" नाम कि इस पुस्तक का प्रकाशन विश्व प्रसिद्द पेंगुइन प्रकाशन ने किया है. प्रोफ़ेसर इमरे बंगा हंगरी मूल के हैं एवं इससे पहले उन्होंने रविन्द्र नाथ ठाकुर कि अनेक रचनाओं पर काम किया है. ये पहला अवसर है जब किसी हंगेरियन ने जैन धर्म के सम्वन्ध में कोई पुस्तक लिखी हो. 

"It's a city showman's show"  पुस्तक का विमोचन कल ३ अप्रैल २०१४ को हंगरी दूतावास के सांस्कृतिक केंद्र १ ए जनपथ, दिल्ली में होगा। प्रसिद्द हिंदी कवी गिरधर राठी समारोह के मुख्य अतिथि एवं एवं जैन विद्वान ज्योति कोठारी, जयपुर विशिष्ट अतिथि होंगे। 

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